Connect with us

आयुष सेवाओं के विस्तार और आयुर्वेद विश्वविद्यालय की समस्याओं के समाधान के निर्देश…

उत्तराखंड

आयुष सेवाओं के विस्तार और आयुर्वेद विश्वविद्यालय की समस्याओं के समाधान के निर्देश…

देहरादून 07 अप्रैल। प्रदेश के आयुष एवं आयुष शिक्षा मंत्री मदन कौशिक ने विधान सभा स्थित सभागार कक्ष में विभागीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर विभागीय कार्यों की प्रगति का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि आयुष एवं आयुष शिक्षा विभाग राज्य के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है और इसके माध्यम से पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों को सुदृढ़ करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है।

मंत्री ने बताया कि विभाग के अंतर्गत राज्य में 3 राजकीय परिसर, 13 जिला आयुर्वेदिक एवं यूनानी सेवा कार्यालय, 21 निजी महाविद्यालय तथा 13 जिला होम्योपैथिक कार्यालय सहित अनेक संस्थाएं संचालित हैं। उन्होंने आयुर्वेदिक विश्वविद्यालय से संबंधित कुछ समस्याओं की समीक्षा करते हुए महानिदेशक की अध्यक्षता में एक कमेटी गठित करने के निर्देश दिए, ताकि समस्याओं का तत्काल समाधान किया जा सके। साथ ही अन्य विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर लंबित मुद्दों को शीघ्र निस्तारित करने के लिए भी कहा गया।

यह भी पढ़ें 👉  मुख्यमंत्री को अपने बीच पाकर उत्साहित हुए बच्चे, जमकर खिंचवाईं तस्वीरें

मंत्री ने कहा कि उत्तराखंड धार्मिक पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण राज्य है, इसलिए प्रमुख धार्मिक स्थलों पर स्थित धर्मशालाओं और बड़े होटलों को आयुर्वेद से जोड़ने की योजना तैयार की जानी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को ऐसी नीति बनाने के निर्देश दिए जिससे आयुर्वेद को जनमानस से जोड़ा जा सके और प्रदेश में इसे एक बड़े संसाधन के रूप में स्थापित किया जा सके।

यह भी पढ़ें 👉  सनातन संस्कृति त्याग और परमार्थ की प्रेरणा देती है : मुख्यमंत्री धामी

उन्होंने बताया कि आयुष विभाग द्वारा ब्लॉक तथा न्याय पंचायत स्तर पर वेलनेस, योग और पंचकर्म जैसी सुविधाओं को विकसित करने की अवधारणा पर भी कार्य किया जा रहा है। बैठक में आयुर्वेद विश्वविद्यालय द्वारा संचालित शिक्षा एवं शोध कार्यों की भी समीक्षा की गई। मंत्री ने निर्देश दिए कि विश्वविद्यालय से जुड़े सभी प्रकरणों की बिंदुवार समीक्षा कर उनका समाधान किया जाए।

यह भी पढ़ें 👉  मोरारी बापू की रामकथा में बोले सीएम धामी, उत्तराखंड को बनाएंगे विश्व की आध्यात्मिक राजधानी

बैठक में जानकारी दी गई कि आयुर्वेद एवं यूनानी सेवा के अंतर्गत प्रदेश में लगभग 852 चिकित्सालय संचालित हैं। राज्य में 5491 आयुर्वेदिक डॉक्टर, 1226 होम्योपैथिक डॉक्टर, 201 यूनानी डॉक्टर, 10 सिद्ध डॉक्टर तथा 18 प्राकृतिक चिकित्सा डॉक्टर सेवाएं दे रहे हैं। इनके अलावा फार्मासिस्ट, नर्स और अन्य सहायक स्टाफ भी तैनात हैं। मंत्री ने अधिकारियों को रिक्त पदों पर शीघ्र अधियाचन भेजकर भर्ती प्रक्रिया आगे बढ़ाने के निर्देश दिए।

इस अवसर पर सचिव आयुष रंजना राजगुरू, अपर सचिव/निदेशक विजय कुमार जोगदंडे सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

Continue Reading
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

More in उत्तराखंड

उत्तराखंड

उत्तराखंड

Advertisement

ट्रेंडिंग खबरें

To Top