उत्तराखंड
जन सेवा केंद्रों पर जिला प्रशासन की बड़ी कार्रवाई, चार केंद्र सील
देहरादून, 17 सितंबर। जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान के निर्देश पर जनपद में संचालित जन सेवा केंद्रों की कार्यप्रणाली, जनसुविधाओं और निर्धारित मानकों के अनुपालन की जांच के लिए जिला प्रशासन ने औचक निरीक्षण अभियान चलाया। उप जिलाधिकारी देहरादून के नेतृत्व में प्रशासन की टीम ने विभिन्न जन सेवा केंद्रों का निरीक्षण कर अनियमितताओं की जांच की।
निरीक्षण के दौरान अनियमितताएं पाए जाने पर चार जन सेवा केंद्रों को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया गया। इनमें शादमान, हनी रमन, करन वर्मा और प्राची कौशिक के केंद्र शामिल हैं। इसके अलावा कुछ केंद्रों से कंप्यूटर और लैपटॉप भी प्रशासन ने अभिरक्षा में लिए हैं।
तहसीलदार सदर ने शादमान, पूनम खन्ना और करन वर्मा के केंद्रों से सीपीयू अभिरक्षा में लिए। वहीं पारुल बंसल और प्राची कौशिक के केंद्रों से लैपटॉप भी कब्जे में लिए गए। पवन फर्स्वाण के केंद्र पर मिली कमियों के संबंध में उसकी जन सेवा केंद्र पहचान संख्या निरस्त करने की संस्तुति उच्चाधिकारियों को भेजी गई है। पूनम खन्ना के केंद्र पर मिली कमियों के संबंध में उन्हें कड़ी चेतावनी दी गई है। पारुल बंसल के केंद्र पर मिली अनियमितता के बाद उनका लैपटॉप भी अभिरक्षा में लिया गया।
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया कि जन सेवा केंद्रों का उद्देश्य आमजन को विभिन्न सरकारी सेवाएं और सुविधाएं उपलब्ध कराना है। इसलिए इन केंद्रों पर निर्धारित मानकों का पालन सुनिश्चित करना अनिवार्य है। प्रशासन ने कहा कि आमजन से जुड़ी सेवाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही, अनियमितता अथवा अवैध वसूली को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
प्रशासन की ओर से कहा गया कि जन सेवा केंद्रों का औचक निरीक्षण आगे भी जारी रहेगा। जांच के दौरान नियमों का उल्लंघन या अन्य अनियमितताएं पाए जाने पर संबंधित केंद्र संचालकों के विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
औचक निरीक्षण अभियान के दौरान तहसीलदार सदर सुरेंद्र देव, ई-डिस्ट्रिक्ट मैनेजर हरेंद्र सिंह सहित तहसील और पुलिस की टीम मौजूद रही।

